तर्ज – बेटा सरवन पाणोड़ी पिताय बेटा कहीं तु व्यास लणी ॐ ॥ पद–13 रघु मारवाड़ी ॥ तर्ज–बेटा सरवन पाणोड़ी पिताय बेटा कहीं तु व्यास लणी आवो आवो सा गुरु दीन दयाल, थाँने आया शुभ की घड़ी घेर। आत्म तत्व अति गूढ़ बतायो, गावे वेद पुराण।गीता भागवत और रामायण, सब ही लीन्हा छाण।पायो पायो जी…
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